17वीं लोकसभा में सर्वाधिक महिला सांसद

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Women MP in 17th Lok Sabha
Women MP in 17th Lok Sabha

मोदी की महाविजय में इस बार कई रिकॉर्ड बने तो कई टूटे, पर जो सबसे दिलचस्प और स्वागतयोग्य रिकॉर्ड बना, वो है सत्रहवीं लोकसभा में 78 महिला सांसदों का पहुँचना। जी हाँ, इस बार 724 महिला उम्‍मीदवार चुनावी मैदान में थीं, जिनमें से 78 संसद के लिए चुनी गईं। आजाद भारत के लोकतंत्रीय इतिहास में भागीदारी और आम चुनावों में महिलाओं को मिली जीत के लिहाज से यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। गौरतलब है कि 2014 में कुल 663 महिलाओं ने चुनाव लड़ा था, जिनमें से 64 महिलाएं संसद पहुंची थीं। इन 64 महिला सांसदों में 28 इस बार भी चुनाव जीतने में सफल रहीं। बता दें कि हमारी पहली लोकसभा में कुल 22 महिला सांसद चुनकर आई थीं और 1977 में उनकी संख्या सबसे कम (19) थी, जबकि 1989 से 2014 के बीच हुए चुनावों को देखें तो 2009 में 58, 2004 में 45, 1999 में 49, 1996 में 40 और 1989 में 29 महिलाएं सांसद बनी थीं।

बहरहाल, इस बार आम चुनाव में कुल 8049 उम्मीदवार मैदान में थे जिनमें 724 महिलाएं थीं। कांग्रेस ने सर्वाधिक 54, जबकि भाजपा ने 53 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था। अन्य राष्ट्रीय पार्टियों में बसपा ने 24, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने 23, माकपा ने 10, भाकपा ने चार और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने एक महिला उम्मीदवार को मैदान में उतारा था। निर्दलीय महिला उम्मीदवारों की संख्या 222 थी। चार ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों ने भी बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ा।

राज्यवार बात करें तो बंगाल ने इस बार गजब का उदाहरण पेश किया। यहां के 42 सीटों में से इस बार 14 पर महिलाएं जीती हैं जो 80 सीटों वाले सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश से भी ज्यादा है, जहाँ से इस बार 10 महिलाएं चुनाव जीतने में सफल हुई हैं। अन्य राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र से 8, गुजरात और उड़ीसा से 5-5, आंध्रप्रदेश और मध्यप्रदेश से 4-4, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और बिहार से 3-3 तथा पंजाब और झारखंड से 2-2 महिला सांसद चुनी गई हैं। संघशासित प्रदेशों में नई दिल्ली और चंडीगढ़ सीटों से महिला उम्मीदवारों ने बाजी मारी है। पार्टियों की बात करें तो इस बार तृणमूल कांग्रेस (पश्चिम बंगाल) ने सर्वाधिक 41% महिलाओं को टिकट दिया था। दूसरे नंबर पर बीजद (उड़ीसा) थी, जिसने 33% महिलाओं को मौका दिया था।

लोकसभा की 542 सीटों के लिए घोषित पूर्ण परिणाम के आधार पर सर्वाधिक 40 महिला उम्मीदवार भाजपा के टिकट पर चुनाव जीती हैं। वहीं कांग्रेस के टिकट पर सिर्फ पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने महिला उम्मीदवार के रूप में रायबरेली से जीत दर्ज की है।  इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अमेठी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को शिकस्त देकर इतिहास रच दिया है। मोदी सरकार में शामिल महिलाओं में अपनी लोकसभा सदस्यता बरकरार रखने वालों में मेनका गांधी सुल्तानपुर से और अनुप्रिया पटेल मिर्जापुर से ‘अपना दल’ उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीती हैं। साथ ही भाजपा उम्मीदवार हेमा मालिनी मथुरा से, प्रज्ञा ठाकुर भोपाल से, मीनाक्षी लेखी नई दिल्ली से, किरण खेर चंडीगढ़ से और रीता बहुगुणा जोशी इलाहाबाद से जीतने वाली प्रमुख भाजपा सांसद हैं। चुनाव हारने वाली महिला उम्मीदवारों में आसनसोल से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार मुनमुन सेन, सिलचर से कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव और सुपौल से भी कांग्रेस की ही सांसद रंजीत रंजन शामिल हैं।

चलने से पहले इस बार के चुनावों में महिलाओं को लेकर एक बेहद दिलचस्प आंकड़ा यह भी कि इस बार देश के 13 राज्य और केन्द्रशासित प्रदेश ऐसे हैं जहां महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से ज्यादा रहा। देश की आधी आबादी को साधुवाद देते हुए इन 13 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के नाम भी बताते चलें, जो इस प्रकार हैं: बिहार, उत्तराखंड, मणिपुर, मेघालय, गोवा, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुड्डूचेरी, दमन-दीव, और लक्षद्वीप।

बोल डेस्क

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