अमिताव घोष को ज्ञानपीठ

0
143
Amitav Ghosh
Amitav Ghosh

अंग्रेजी के सुविख्यात साहित्यकार अमिताव घोष को वर्ष 2018 के लिए 54वां ज्ञानपीठ पुरस्कार दिया जाएगा। ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित होने वाले वे अंग्रेजी के पहले लेखक हैं। शुक्रवार को प्रतिभा रॉय की अध्यक्षता में आयोजित ज्ञानपीठ चयन समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि अंग्रेजी को तीन साल पहले ज्ञानपीठ पुरस्कार की भाषा के रूप में शामिल किया गया था और अमिताव घोष देश के सर्वोच्च साहित्य पुरस्कार से सम्मानित होने वाले अंग्रेजी के पहले लेखक हैं।

साहित्य अकादमी और पद्मश्री सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित अमिताव घोष का जन्म 1956 में पश्चिम बंगाल के कोलकाता में हुआ था। उन्हें लीक से हटकर काम करने वाले रचनाकार के तौर पर जाना जाता है। वे इतिहास के ताने बाने को बड़ी कुशलता के साथ वर्तमान के धागों में पिरोने का हुनर जानते हैं। ‘द सर्किल ऑफ रीजन’, ‘दे शेडो लाइन’, ‘द कलकत्ता क्रोमोसोम’, ‘द ग्लास पैलेस’, ‘द हंगरी टाइड’, ‘रिवर ऑफ स्मोक’ और ‘फ्लड ऑफ फायर’ आदि उनकी प्रमुख रचनाएं हैं।

बता दें कि ज्ञानपीठ पुरस्कार के रूप में 11 लाख रुपये की राशि, वाग्देवी की प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाते हैं। यह भी जानें कि पहला ज्ञानपीठ पुरस्कार 1965 में मलयालम लेखक जी शंकर कुरूप को प्रदान किया गया था।

बोल डेस्क

Comments

comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here