सार्थक रही ट्रंप-किम शिखर वार्ता

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Trump-Kim-Summit
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कभी एक दूसरे का मजाक उड़ाने वाले और कट्टर विरोधी रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के बीच मंगलवार को सिंगापुर में ऐतिहासिक शिखर वार्ता हुई। किम ने जहां पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण का वादा किया है, वहीं ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका अब दक्षिण कोरिया में सैन्य अभ्यास नहीं करेगा। अगर दोनों देश अपने वादों पर खरे उतरे तो यह विश्व शांति की दिशा में निश्चित तौर पर मील का पत्थर साबित होगा।

दोनों नेताओं की बहुप्रतीक्षित शिखर वार्ता पर पूरी दुनिया की निगाह किस कदर टिकी हुई थी इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इस ऐतिहासिक पल को कवर करने के लिए दुनिया भर से 3000 पत्रकार सिंगापुर पहुंचे थे। ट्रंप और किम ने भी निराश नहीं किया। दोनों नेताओं ने मुलाकात को लेकर जैसी गंभीरता और इस दौरान एक-दूसरे के प्रति जैसी गर्मजोशी दिखाई वह निश्चित तौर पर स्वागत योग्य है।

समिट के अंत में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हमलोगों ने बेहद अहम डॉक्युमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। यह बहुत व्यापक डॉक्युमेंट है। यही नहीं ट्रंप ने किम जोंग-उन को अत्यंत प्रतिभाशाली बताया और कहा कि हम कई बार मिलेंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह निश्चित तौर पर किम को वाइट हाउस बुलाएंगे। उधर ऐतिहासिक डॉक्युमेंट पर हस्ताक्षर करने के बाद नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने कहा कि हमने इतिहास को पीछे छोड़ने का फैसला किया। किम ने कहा कि दुनिया बड़े बदलाव देखेगी। उन्होंने इस बैठक के लिए ट्रंप का शुक्रिया कहा।

ट्रंप और किम जोंग-उन की समिट की वजह से चीन के चिंतित होने की खबरें आ रहीं थीं लेकिन बैठक के बाद इसके सुर बदल गए। चीन ने कहा कि इस समिट ने इतिहास बनाया है। यहां तक कि दक्षिण कोरिया ने भी ट्रंप और किम की मीटिंग को ‘सदी की बातचीत’ कहकर इसकी तारीफ की है। इस मुलाकात के बाद नि:संदेह पूरी दुनिया ने चैन की सांस ली है। विश्व-शांति के लिए सचमुच यह एक बड़ा दिन था।

बोल डेस्क

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