कर्नाटक का ‘ऊँट’, राज्यपाल की ‘करवट’

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Karnataka Assembly Election Results 2018
Karnataka Assembly Election Results 2018

कर्नाटक विधानसभा चुनावों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। हालांकि वह बहुमत का जादुई आंकड़ा नहीं छू सकी। बता दें कि यहां विधानसभा की कुल 224 सीटें हैं जिनमें से 222 सीटों पर चुनाव हुए थे, जिनमें भाजपा को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस प्लस को 38 सीटें मिली हैं। इस तरह सरकार बनाने के लिए 112 सीटों का आंकड़ा चाहिए था जहां तक भाजपा नहीं पहुंच पाई, लेकिन सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण उसका दावा है कि सरकार बनाने का पहला मौका उसे मिलना चाहिए। दूसरी ओर राज्य की सत्ता की दौड़ में पिछड़ी कांग्रेस ने वक्त की नजाकत को देखते हुए राजनीतिक परिपक्वता दिखाई और बिना देर किए पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पार्टी जेडीएस को समर्थन का ऐलान कर देवगौड़ा के पुत्र एचडी कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनने का प्रस्ताव दिया, जिसे जेडीएस ने बिना देर किए स्वीकार कर लिया और तत्काल चुनाव बाद बने गठबंधन के तौर पर सरकार बनाने का अधिकार जताया। अब गेंद राज्यपाल वजुभाई वाला के हाथों में है कि वो बहुमत में घट रहे 8 विधायकों का ‘जुगाड़’ कहां से होगा, ये बताने में फिलहाल असमर्थ भाजपा की महत्वाकांक्षा का पथ प्रशस्त करते हैं या प्रथम दृष्टया सही लग रही और 78+38=116 के आंकड़े, जो जरूरत से चार ज्यादा है, के साथ खड़ी कांग्रेस-कुमारस्वामी की सरकार को हरी झंडी दिखाते हैं।

बहरहाल, इस बीच ख़बर आई है कि कांग्रेस के कुछ लिंगायत विधायकों ने कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाए जाने का विरोध कर दिया है। खबर यह भी आ रही है कि कांग्रेस अपने विधायकों को पार्टी छोड़ने के डर से आंध्र प्रदेश या पंजाब भेजने की योजना बना रही है। दूसरी ओर, भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येद्दयुरप्पा राज्यपाल से मिलकर महज 48 घंटे में बहुमत साबित करने का दावा कर रहे हैं। उधर भाजपा और कांग्रेस दोनों के केंद्रीय नेतृत्व ने स्थिति संभालने के लिए दिल्ली से अपने-अपने वरिष्ठ नेताओं को बेंगलुरु भेजा है। अब सबकी नजरें राज्यपाल के रुख पर हैं। हालांकि बताया जा रहा है कि राज्यपाल पूरी तरह ठोक-बजाकर ही कोई निर्णय लेंगे।

कर्नाटक के चुनाव-परिणाम पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भाजपा के विकास के एजेंडे को लगातार समर्थन देने और भाजपा को राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनाने के लिए मैं कर्नाटक के बहनों और भाइयों को धन्यवाद देता हूं। उधर विजय-रथ पर सवार भाजपा के सारथि अमित शाह ने पार्टी की जीत पर अपने उद्गार में कहा कि बाकी देश की तरह कर्नाटक की महान भूमि ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ, पारदर्शी और विकासोन्मुख शासन पर दृढ़ विश्वास व्यक्त किया है। इस जनादेश से साफ है कि कर्नाटक ने कांग्रेस के भ्रष्टाचार, वंशवादी राजनीति और विभाजनकारी जातिवाद को खारिज कर दिया है। जबकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मौके पर बड़ी सधी हुई प्रतिक्रिया दी और कहा कि इन चुनावों में जिन्होंने भी कांग्रेस को वोट दिया, उन सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद। हम आपके समर्थन की सराहना करते हैं और हम आपके लिए लड़ेंगे।

बोल डेस्क

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