‘मुख्यमंत्री बालिका उत्थान योजना’: ऐतिहासिक पहल

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Mukhyamantri Balika Utthan Yojana
Mukhyamantri Balika Utthan Yojana

गुरुवार, 19 अप्रैल को बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में बालिकाओं के संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वावलंबन पर आधारित ‘मुख्यमंत्री बालिका उत्थान योजना’ को मंजूरी प्रदान की गई। इस योजना का उद्देश्य कन्या भ्रूणहत्या को रोकना, कन्याओं के जन्म, निबंधन एवं संपूर्ण टीकाकरण को प्रोत्साहित करना, लिंग अनुपात में वृद्धि लाना, बालिका शिशु मृत्यु दर को कम करना, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना, बाल-विवाह पर अंकुश लागना तथा कुल प्रजनन दर में कमी लाना है। इसके साथ ही बालिकाओं को शिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाना, सम्मानपूर्वक जीवन यापन करने के अवसर प्रदान करना तथा परिवार एवं समाज में उनका आर्थिक योगदान बढ़ाना भी इस योजना का लक्ष्य है।

मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार 12वीं पास करने पर प्रत्येक लड़की को 10 हजार रुपये दिए जाएंगे, साथ ही स्नातक करने पर 25 हजार रुपये दिए जाने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजनान्तर्गत समाज कल्याण विभाग द्वारा कन्या शिशु के जन्म पर माता/पिता/अभिभावक के बैंक खाते में रूपये 2000 देने का प्रावधान है। साथ ही 1 वर्ष पूरा होने तथा आधार पंजीयन कराने पर माता/पिता/अभिभावक के बैंक खाते में रूपये 1000 देने का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 2 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर कन्या के सम्पूर्ण टीकाकरण कराने पर माता/पिता/अभिभावक के बैंक खाते में रूपये 2000 देने का प्रावधान, जबकि शिक्षा विभाग द्वारा वर्ग 1-2 के लिये मुख्यमंत्री पोशाक योजना (बालिकाओं के लिए) के अन्तर्गत रूपये 400 की राशि को बढ़ाकर रूपये 600 किया गया है। उसी प्रकार शिक्षा विभाग द्वारा वर्ग 3-5 के लिए मुख्यमंत्री पोशाक योजना (बालिकाओं के लिए) के अन्तर्गत रूपये 500 की राशि को बढ़ाकर रूपये 700 किया गया है। वर्ग 6-8 के लिए मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना के अन्तर्गत 700 की राशि को बढ़ाकर रूपये 1000 किया गया है। वर्ग 9-12 के लिए बिहार शताब्दी मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना के अन्तर्गत रूपये 1000 की राशि को बढ़ाकर रूपये 1,500 किया गया है। मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम में (सैनेटरी नैपकीन के लिए) रूपये 150 की राशि को बढ़ाकर रूपये 300 किया गया है। ये वर्ग 7-12 की बालिकाओं को देय होगा। इस प्रकार समेकित रूप से एक कन्या को जन्म से स्नातक होने तक कुल 54,100 रूपये तक मिल सकेगा। इस योजना पर प्रति वर्ष 2,221 करोड़ रूपये से अधिक राशि व्यय कर लगभग 1 करोड़ 60 लाख कन्याओं को लाभान्वित करने का अनुमान है।

मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के अनुसार मुख्यमंत्री सामाजिक सहायता एवं प्रोत्साहन छात्र योजनाओं के तहत बिहार निशक्तता पेंशन योजना में आंशिक संशोधन करते हुए वैसे तेजाब पीड़ित के मामले में, जो बिहार का मूल निवासी हो या तेजाब हमले की घटना बिहार में हुई हो, को पेंशन देने के लिए विकलांगता की न्यूनतम अर्हता 40 प्रतिशत की शर्त विलोपित करने को स्वीकृति दी गई।

बोल डेस्क

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