मधेपुरा में मुख्यमंत्री: शीतलहर पर भारी उम्मीदों की ऊष्मा

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CM Nitish Kumar in Madhepura
CM Nitish Kumar in Madhepura

समीक्षा यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बृहस्पतिवार को मधेपुरा पहुंचे। शीतलहर के बावजूद उनके लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। योजनाओं की समीक्षा के साथ ही उन्होंने जिले के लिए संभावनाओं के कई नए द्वार भी खोल दिए। सिंहेश्वर के मवेशी हाट में आयोजित सभा के दौरान उन्होंने मधेपुरा को 658 करोड़ रुपए की सौगात दी और जिले के लिए 1565 योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री के साथ मंच पर मौजूद लोगों में मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, मंत्री रमेश ऋषिदेव, पूर्व सांसद व बीएनएमयू के संस्थापक कुलपति डॉ. रमेन्द्र कुमार यादव रवि, विधायक व पूर्व मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव, विधायक निरंजन मेहता, कमिश्नर टीएन बिंधेश्वरी, डीएम मोहम्मद सोहैल आदि प्रमुख हैं।

अपनी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने सिंहेश्वर के गौरीपुर पंचायत के वार्ड नं. 9 एवं 10 में ‘सात निश्चय’ के तहत हुए कार्यों को देखा। सात निश्चय से गांव और शहर के फर्क को मिटाने के अपने सपने को जमीन पर उतरता देख वे खुश नजर आए। विकास कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि 250 की आबादी वाले हर टोले और गली को मुख्य सड़क से जोड़ा जाएगा। पेयजल, बिजली, शौचालय आदि की सुविधाएं वहां उपलब्ध होंगी। यही नहीं, चार साल के अंदर ये सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे खूब पढ़ें और आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि पढ़ने में अब पैसा बाधक नहीं बनेगा। 12वीं के बाद राज्य सरकार सभी बच्चे को चार लाख तक का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करा रही है। युवाओं के कौशल विकास पर पूरा फोकस किया जा रहा है। कौशल विकास मिशन के तहत कुशल युवा कार्यक्रम चलाकर युवाओं को कम्प्यूटर शिक्षा में जहां दक्ष बनाया जा रहा है, वहीं कम्यूनिकेशन स्किल और रहन-सहन को लेकर भी उनके व्यक्तित्व का विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि विकास के साथ ही समाज-सुधार भी जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए आमलोगों के जागरुक होने की जरूरत है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह का आह्वान करते हुए कहा कि 21 जनवरी को दहेजप्रथा व बालविवाह के विरुद्ध बनाई जाने वाली मानव-श्रृंखला में शामिल होकर उसे ऐतिहासिक बनाएं।

चलते-चलते जिले की विभिन्न योजनाओं के लिए विभागवार प्राक्कलित राशि पर एक नजर:    विज्ञान एवं प्राद्योगिकी विभाग – 171 करोड़ 2 लाख, पंचायती राज विभाग – 112 करोड़ 14 लाख, पथ निर्माण विभाग – 96 करोड़ 71 लाख, ग्रामीण कार्य विभाग – 92 करोड़ 8 लाख, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण संगठन विभाग – 44 करोड़ 73 लाख, नगर विकास एवं आवास विभाग – 23 करोड़ 45 लाख, बीएमएसआईसीएल – 22 करोड़ 60 लाख, ग्रामीण विकास विभाग – 18 करोड़ 67 लाख, बिहार राज्य पर्यटन विकास विभाग – 617 करोड़, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग – 455 करोड़, ऊर्जा विभाग – 437 करोड़, समाज कल्याण विभाग – 418 करोड़, श्रम विभाग – 406 करोड़, योजना एवं विकास विभाग – 355 करोड़, कला संस्कृति एवं युवा विभाग – 327 करोड़, परिवहन विभाग – 272 करोड़, बिहार दलित विकास मिशन – 205 करोड़, पर्यटन विभाग – 135 करोड़, समान्य प्रशासन विभाग – 126 करोड़, स्वास्थ्य विभाग – 114 करोड़, सूचना एवं जनसंपर्क – 77 करोड़ एवं गृह विशेष विभाग – 40 करोड़।

बोल डेस्क

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