बच्चों को करें प्राकृतिक तरीके से शिक्षित: नीतीश

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CM Nitish Kumar giving Maulana Abul Kalam Azad Shiksha Puraskar to Prof. HC Verma
CM Nitish Kumar giving Maulana Abul Kalam Azad Shiksha Puraskar to Prof. HC Verma

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को शिक्षा के प्रसार के लिए प्राकृतिक तरीके को अपनाने पर जोर दिया। पटना में एक कार्यक्रम के दौरान नीतीश ने कहा कि आज के वक्त में बच्चों को आधुनिक तरीकों से पढ़ाने से उन्हें जानकारी तो मिल जाती है, लेकिन उसके अंदर की प्रतिभा सामने नहीं आ पाती। इस दौरान उन्होंने बिहार में महिला शिक्षा के क्षेत्र में हुए सुधारों का जिक्र भी किया।

देश के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद के जन्म दिवस के मौके पर पटना स्थित श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में शिक्षा दिवस समारोह का उद्घाटन करने के बाद नीतीश ने कहा कि देश में मौलाना अबुल कलाम आजाद के जन्मदिवस पर शिक्षा दिवस मनाने की मांग की जाती थी, इसी दौरान हमने इसकी शुरुआत का निर्णय लिया। उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई और फिर बंटवारे के बाद सांप्रदायिक तनाव को कम करने में मौलाना आजाद के योगदान को बड़ी शिद्दत से याद किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रख्यात शिक्षाविद् और आईआईटी, कानपुर के प्रोफेसर हरीश चंद्र वर्मा को मौलाना अबुल कलाम आजाद शिक्षा पुरस्कार से सम्मानित भी किया।

समारोह के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक तरीके से ही बच्चों को शिक्षित कर उनके अंदर की प्रतिभा को उभारा जा सकता है। शिक्षा का मतलब सबकी शिक्षा है, नारी की शिक्षा भी है। उन्होंने कहा कि बिहार में महिलाओं की शिक्षा की स्थिति सुधरी है। जहां पहले लड़कियों को स्कूल नहीं भेजा जाता था वहीं आज मध्य विद्यालयों में लड़कियों की संख्या लड़कों से ज्यादा हो गई है। पहले नौवीं कक्षा में 1.70 लाख लड़कियों की उपस्थिति थी, जो आज नौ लाख से भी ज्यादा हो गई है। मैट्रिक में आज इनकी संख्या 49 प्रतिशत हो गई है।

गौरतलब है कि मौलाना अबुल कलाम आजाद देश के पहले शिक्षा मंत्री थे और उनके जन्म दिवस 11 नवंबर को लोग शिक्षा दिवस के रूप में मनाते हैं। जबकि देश के दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

बोल डेस्क

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