राहुल ने समझाया जीएसटी का मतलब

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Rahul Gandhi
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों गुजरात में खासे सक्रिय हैं। देखा जाय तो राज्यसभा चुनाव में अहमद पटेल की जीत के बाद से गुजरात को लेकर कांग्रेस के हौसले में काफी इजाफा हुआ है। फिर हार्दिक पटेल और उनके सहयोगियों की नजदीकी और एंटी इनकम्बेंसी आदि वजहों से भी कांग्रेस वहां अपनी संभावनाओं को लेकर आश्वस्त दिख रही है। इन सबके बीच राहुल भाजपा और खासकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरुद्ध रोज नए-नए ‘पंच’ लेकर सामने आ रहे हैं ताकि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का जोश बना रहे। उदाहरण के तौर पर राहुल का ताजा ‘पंच’ ही लें जो कि मोदी सरकार के आर्थिक एजेंडे पर है।

राहुल गांधी ने गुजरात में प्रधानमंत्री मोदी के आर्थिक एजेंडे पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जीएसटी का मतलब ‘गब्बर सिंह टैक्स’ है, जिसका नोटबंदी के जख्मों से उबर रहे देश पर बुरा असर पड़ा है। राहुल ने कहा कि “मोदी ने पिछले साल नोटबंदी अपनी मनमर्जी से लागू कर लाखों लोगों को परेशानी में डाल दिया। ये जो इनका जीएसटी है, ये आम आदमी पर बोझ है… ये जीएसटी नहीं गब्बर सिंह टैक्स है। इसको जल्दबाजी में लाया गया है।”

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने आगे कहा, “जीएसटी कांग्रेस लाई थी लेकिन उसमें 18 प्रतिशत से ज्यादा टैक्स नहीं था और अभी की तरह पांच स्लैब्स भी नहीं थे। हमने सरकार से धीरे-धीरे कानून लागू करने की गुजारिश भी की, लेकिन उन्होंने हमारी नहीं सुनी।… मोदी सरकार गरीबों के खिलाफ है और आम लोगों की भलाई के लिए काम नहीं कर रही है।”

राहुल ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री पर जमकर चुटकी ली और उनकी नकल भी उतारी। उन्होंने कहा, ‘8 नवंबर को क्या हुआ? मोदीजी टीवी पर आए और बोले कि मुझे 500 और 1000 के नोट नहीं पसंद हैं। तो मैंने फैसला किया है कि आज रात से मैं उन्हें बंद कर दूंगा। ऐसा कर के उन्होने एक ही कदम से पूरे देश को झटका दे दिया। पहले दो या तीन दिन उन्हें ही पता नहीं चला कि क्या हुआ। प्रधानमंत्री को 5-6 दिन बाद समझ आया कि उनसे गलती हुई है और वे फिर टीवी पर आए कहा कि 30 दिसंबर तक अगर मैंने काला धन खत्म नहीं किया तो मुझे सूली पर चढ़ा देना।” राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अर्थव्यवस्था को खत्म कर दिया है। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ पर भी तंज कसा और कहा कि यह पूरी तरह से फेल हो चुका है और चीनी उत्पाद भारत में भर गए हैं।

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि राहुल ने ख़बरों में रहने की कला सीख ली है। अब मंच पर वे पहले से अधिक परिपक्व दिखते हैं और आत्मविश्वास से लबरेज नज़र आते हैं। हालांकि ये तो गुजरात का परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा कि उनके ‘पंच’ में असल में दम कितना था?

‘बोल बिहार’ के लिए डॉ. ए. दीप

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