मधेपुरा में अब नहीं चलेगी लालू-शरद चालीसा: डॉ. रवि

0
886
Dr. Ravi, Dr. Ravi with Nitish Kumar, Dr. Ravi in Press Conference (Clockwise)
Dr. Ravi, Dr. Ravi with Nitish Kumar, Dr. Ravi in Press Conference (Clockwise)

ये दल के प्रति डॉ. रवि की प्रतिबद्धता थी कि 1989 में उन्होंने तीन लाख से अधिक मतों से जीती अपनी मधेपुरा लोकसभा की सीट 1991 के चुनाव में शरद यादव को दे दी थी और अब जब शरद यादव पार्टी से अलग राह अपना चुके हैं, डॉ. रवि उतनी ही प्रतिबद्धता से दल और दल के नेता नीतीश कुमार के साथ हैं। सोमवार को मधेपुरा में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में मधेपुरा के पूर्व सांसद, जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव एवं दो बार राज्यसभा के सदस्य रहे डॉ. रमेन्द्र कुमार यादव रवि ने कहा कि मधेपुरा में अब लालू-शरद चालीसा नहीं चलेगी। बिहार के मुख्यमंत्री व जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के महागठबंधन को छोड़ एनडीए के साथ सरकार बनाने के निर्णय का पुरजोर तरीके से समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि उनका यह निर्णय समय की जरूरत था। ऐसा कर नीतीशजी ने न केवल राजनीतिक शुचिता को तार-तार होने से बचाया बल्कि बिहार के भविष्य को भी अनिश्चितता के गर्त में जाने से रोक लिया।

बीएनएमयू, मधेपुरा के संस्थापक कुलपति एवं प्रख्यात शिक्षाविद डॉ. रवि ने कहा कि नीतीशजी पर विश्वासघात का आरोप लगाने वाले ये भूल रहे हैं कि जनता ने जिस महागठबंधन को वोट दिया था उसका चेहरा नीतीश कुमार थे। महागठबंधन को मिले अपार समर्थन के मूल में उनके राजनीतिक चरित्र की वो पूंजी थी जो उन्होंने काजल की कोठरी में भी बेदाग रहकर कमाई है। बिहार की जनता ने उनके ‘निश्चय’ पर अपनी मुहर लगाई थी और उन्हें पांच साल के लिए चुना था। बिहार की करोड़ों जनता की अपेक्षाओं का भार था उनके ऊपर और ‘राज’ के साथ-साथ ‘राज्य’ के प्रति उनके धर्म का भी यही तकाजा था कि जरूरत पड़ने पर वे कठोर निर्णय लें।

डॉ. रवि ने कहा कि मैंने कोसी के इस इलाके का प्रतिनिधित्व न केवल विधायक और सांसद के रूप में किया है बल्कि अकादमिक और साहित्यिक रूप से भी यहां की रूह में शामिल रहा हूं और मैं पूरी जिम्मेदारी से कहता हूं कि नीतीशजी का यह निर्णय बिहार और देश के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वर्तमान भारतीय राजनीति के दो शिखर पुरुषों – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी – के एक साथ आने से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलने की राह भी अब आसान हो गई है। उन्होंने कहा कि मैं अपने दल के नेता को हृदय से साधुवाद देता हूं और उन्हें भरोसा दिलाता हूं कि मधेपुरा सहित पूरे राज्य की जनता उनके इस निर्णय के साथ है।

बोल डेस्क

Comments

comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here