रामनाथ कोविंद बने भारत के 14वें राष्ट्रपति

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Ramnath Kovind
Ramnath Kovind

रामनाथ कोविंद भारत के 14वें राष्ट्रपति होंगे। एनडीए उम्मीदवार कोविंद ने विपक्ष की मीरा कुमार को बड़े अंतर से हराकर रायसीना हिल्स की रेस जीती। कोविंद को जहां 66.65 प्रतिशत वोट मिले वहीं मीरा का अभियान 34.35 प्रतिशत मतों पर ही रुक गया। सोमवार को हुए मतदान में रामनाथ कोविंद को कुल 7,02,044 वोट मिले, जबकि मीरा कुमार को 3,67,314 वोटों पर ही संतोष करना पड़ा। बता दें कि नए राष्ट्रपति का शपथग्रहण 25 जुलाई को होना है।

राष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद कोविंद ने कहा कि वे सर्वे भवन्तु सुखिन: की भावना से काम करेंगे और पद की मर्यादा को बनाए रखेंगे। अपने संक्षिप्त और भावुक संबोधन में उन्होंने कहा, “जिस पद का गौरव डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, सर्वपल्ली राधाकृष्णन, एपीजे अब्दुल कलाम और प्रणब मुखर्जी जैसे विद्वानों ने बढ़ाया उस पद पर रहना मेरे लिए गौरव की बात है और यह मुझे जिम्मेदारी का अहसास करा रहा है।”

अपने जीवन के बेहद खास मौके पर गरीबी में बिताए अपने बचपन को याद करते हुए आगे उन्होंने कहा, “आज दिल्ली में सुबह से बारिश हो रही है। बारिश का मौसम मुझे बचपन की याद दिलाता है। हमारा घर कच्चा था। मिट्टी की दीवारें थीं। बारिश के समय फूस की छत पानी को रोक नहीं पाती थी। हम सब भाई-बहन कमरे की दीवार से लग कर बारिश रुकने का इंतजार करते थे। आज पता नहीं कितने ही रामनाथ कोविंद बारिश में भींग रहे होंगे। खेत में काम कर रहे होंगे और शाम के भोजन के लिए प्रबंध कर रहे होंगे। मैं उन सभी से कहना चाहता हूं कि परौख गांव का यह रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति भवन में उनका प्रतिनिधि बनकर जा रहा है।”

अपनी जीत की औपचारिक घोषणा के बाद कोविंद ने अपनी प्रतिद्वंद्वि मीरा कुमार को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। वहीं मीरा ने भी उन्हें बधाई दी और कहा कि उनके ऊपर संविधान की रक्षा का दायित्व आया है। उधर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत देश भर के नेताओं ने कोविंद को बधाई और शुभकामनाएं दीं। ‘बोल बिहार’ की ओर से भी उन्हें हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं। एक बात और, बिहार का राज्यपाल रहते हुए उन्हें देश का प्रथम नागरिक बनने का अवसर मिला, इसलिए हम अपेक्षा करते हैं कि उनके मन और मस्तिष्क में बिहार के लिए खास जगह रहेगी और सम्पूर्ण देश के लिए अपना दायित्व निभाते हुए भी करोड़ों बिहारवासियों के ‘विशेष’ अपनत्व व अधिकाबोध का मान वे रख पाएंगे!

बोल बिहार के लिए डॉ. ए. दीप   

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