1 मई के संग आए ये बदलाव

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RERA
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यूं तो 1 मई हर साल आता है, पर 2017 का 1 मई कई मायनों में खास है। इस साल का 1 मई केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा लागू किए जाने वाले कई बड़े बदलावों के कारण याद रखा जाएगा। उम्मीद की जानी चाहिए कि इन बदलावों से हम पहले से अधिक व्यवस्थित व सुदृढ़ जीवन की ओर कदम बढ़ाने में सक्षम होंगे। तो चलिए, जानने की कोशिश करते हैं कि क्या हैं वे बदलाव? हमारी व्यवस्था को समयानुकूल बनाने की दिशा में वे किस तरह साबित होंगे मील का पत्थर? और, उनकी मदद से कैसे कम होंगी हमारी परेशानियां?

  • 1 मई से RERA (रियल एस्टेट रेग्युलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट) लागू हुआ। केन्द्र सरकार ने रियल स्टेट के क्षेत्र में व्याप्त अनियमितताओं को दूर करने के लिए इस एक्ट को लागू किया है। इसके तहत अब हर राज्य को रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी बनाना होगा, जिसमें आए दिन बिल्डर से परेशान होने वाले ग्राहक उनकी शिकायत कर सकेंगे। अब बिना पंजीयन नए हाउसिंग प्रोजेक्ट के विज्ञापन जारी नहीं होंगे। एक अगस्त के पहले सभी मौजूदा प्रोजेक्ट और सारे रियल एस्टेट एजेंट इसके तहत पंजीकृत होंगे। निर्धारित फीस ऑनलाइन ही जमा होगी। इस एक्ट से रियल एस्टेट सेक्टर में जवाबदेही बढ़ेगी और पारदर्शिता आएगी। अब सभी डेवलपर्स को प्रोजेक्ट से जुड़ी सारी जानकारी जैसे योजना, ले आउट, जमीन की स्थिति, प्रोजेक्ट खत्म होने की समयसीमा आदि उपलब्ध करानी होगी।
  • 1 मई से देशभर में वीआईपी वाहनों पर लालबत्ती के प्रयोग पर रोक लग गई। यहां तक कि अब राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की गाड़ियों पर भी लालबत्ती नहीं होगी। केवल एंबुलेंस व फायर सर्विस की गाड़ियां तथा पुलिस और सेना के वाहन नीली बत्ती का इस्तेमाल कर सकेंगे. देश को दीमक की तरह बर्बाद कर रहे वीआईपी कल्चर को खत्म करने की दिशा में यह एक महत्वूर्ण कदम है।
  • 1 मई देश के चुनिंदा शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर रोजाना पेट्रोल-डीजल की कीमतें तय होंगी। ये शहर हैं पुडुचेरी, उदयपुर, जमशेदपुर, चंडीगढ़ और विशाखापट्टनम। वर्तमान में हर 15 दिन के अंतराल के बाद कीमतें निर्धारित होती हैं। अगर इन शहरों में पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि अगर अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में तेल की कीमतें कम हुईं तो ग्राहकों को इसका फायदा अविलंब मिलेगा।
  • 1 मई से ही जीएसटी पोर्टल का ट्रायल रन शुरू हुआ। यह ट्रायल तीन हजार करदाताओं के साथ होगा। सफलता के बाद सभी पर लागू किया जाएगा। इसमें रिटर्न भरने, इनवायस डाटा अपलोड करने जैसी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इससे एक क्लिक पर करदाताओं को सारी जरूरी जानकारी उपलब्ध होगी। इसका डिजिटल रिकॉर्ड होगा, जिसे सुरक्षित रखने में कोई परेशानी नहीं होगी।
  • अगर आपने 1 जुलाई 2014 से 31 अगस्त 2015 के बीच बैंक या दूसरे वित्तीय संस्थान में खाता खोला है और 30 अप्रैल 2017 तक नो योर कस्टमर (KYC) डिटेल या आधार नंबर नहीं दिया है तो 1 मई से आपका खाता ब्लॉक हो जाएगा। आरबीआई और आयकर विभाग के निर्देशों के निर्देशानुसार अब बैंक उपभोक्ताओं के लिए अपने खातों को आधार नंबर से लिंक कराना जरूरी है।

बोल डेस्क

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