ब्यूरोक्रेसी के निशाने पर नीतीश!

0
64
IAS Human Chain outside Raj Bhavan in Patna
IAS Human Chain outside Raj Bhavan in Patna

ब्यूरोक्रेसी के बीच लोकप्रिय माने जाने वाले नीतीश कुमार पहली बार उसके निशाने पर आ गए हैं। बीएसएससी पेपर लीक मामले में सीनियर आईएएस सुधीर कुमार की गिरफ्तारी के बाद आईएएस असोसिएशन ने कड़ी आपत्ति जताई है। इस मामले में सौ से भी ज्यादा आईएएस अधिकारियों ने राजभवन के सामने मानव-श्रृंखला बनाकर विरोध जताया और गवर्नर से मिलकर कहा कि सुधीर कुमार के खिलाफ पुलिस जांच पर उनका भरोसा नहीं इसलिए सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। यही नहीं, आईएएस अधिकारियों ने तय किया है कि अब वे सरकार के किसी भी मौखिक फैसले को नहीं मानेंगे। सीएम ऑफिस तक से कहा गया कि वहां से सारे आदेश सिर्फ लिखित में जारी किए जाएं।

दरअसल अधिकारियों का कहना है कि पूरे केस में गलत कार्रवाई हुई है। उनके अनुसार बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) के अध्यक्ष सुधीर कुमार बेकसूर हैं। उनका गंभीर आरोप है कि पिछले साल टॉपर स्कैम में कुछ अधिकारियों के नाम सामने आए थे, लेकिन चूंकि वे सभी नीतीश के करीबी थे इस कारण उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि बीएसएससी मामले में बिना सबूत के कार्रवाई हो रही है। उनकी मानें तो जिस पुलिस अधिकारी ने यह कार्रवाई की है, वे नीतीश के पसंदीदा अधिकारी हैं। गौरतलब है कि आईएएस अधिकारी सुधीर कुमार को मनु महाराज ने गिरफ्तार किया था और उनका दावा है कि पर्याप्त सबूत मिलने के बाद ही कार्रवाई की गई है।

बहरहाल, इस पूरे प्रकरण ने नीतीश की चिन्ता बढ़ा दी है। अभी उनकी सरकार पिछले साल के टॉपर घोटाले के दाग से उबर ही रही थी कि बीएसएससी पेपर लीक कांड ने फिर प्रशासन के कामकाज पर सवाल खड़े कर दिए। नीतीश जब डैमेज कंट्रोल की कोशिश कर रहे थे, तभी इस मामले में सुधीर कुमार की गिरफ्तारी और उसके बाद उपजे घटनाक्रम ने उन्हें कठिन परिस्थिति में डाल दिया है। आईएएस अधिकारियों ने उन पर दबाव डालने का आरोप लगाते हुए आगे से बिहार में भर्ती के लिए आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं के लिए बनाए गए किसी आयोग आदि का पद नहीं लेने की घोषणा की है। नीतीश के पूरे पॉलिटिकल करियर में संभवत: इस तरह का यह पहला मामला है।

वहीं, मौका देख भाजपा की अगुआई में विपक्ष नीतीश सरकार पर पूरी तरह हमलावर हो गया है। सोमवार और उसके बाद दूसरे दिन भी इस मुद्दे पर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। अभी के माहौल को देखते हुए नहीं लगता कि ये मामला आसानी से शांत होने वाला है। ऐसे में ‘अत्यंत अनुभवी’ प्रशासक नीतीश के ‘तरकश’ से अगला ‘तीर’ क्या निकलता है, यह देखने की बात होगी!

बोल बिहार के लिए डॉ. ए. दीप

Comments

comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here