सीवान के ‘साहेब’ पी रहे तिहाड़ का पानी

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Shahabuddin
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सीवान के ‘साहेब’ कहलाने वाले मोहम्मद शहाबुद्दीन अब तिहाड़ में हैं। बिहार की जेलों में ‘दरबार’ लगाने वाले शहाबुद्दीन यहाँ टाट बिछाकर सो रहे हैं। हिरासत में सेल्फी तक का शौक पूरा करने वाले पूर्व सांसद अब हर घड़ी दो दर्जन सुरक्षाकर्मियों और कई सीसीटीवी कैमरों की कड़ी निगरानी में हैं। पहले कैद में भी रोजाना मनचाहा पकवान सुलभ थे जिनके लिए, अब वे केवल जेल की रोटी पर दिन काटेंगे। गौरतलब है कि दिवंगत पत्रकार राजदेव रंजन की पत्नी और तेजाब कांड में अपने तीन-तीन बेटों को खोने पिता चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदा बाबू की अपील की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 15 फरवरी को आरजेडी के इस बाहुबली नेता को सीवान जेल से दिल्ली की तिहाड़ जेल ट्रांसफर करने का आदेश दिया था।

बताया जाता है कि तिहाड़ पहुँचते ही शहाबुद्दीन के हाव-भाव से वो ‘ठसक’ गायब हो गई, जिसके लिए वो जाना जाता है। सीवान से वाया पटना दिल्ली आने तक भले ही उसके समर्थन में नारे लगते रहे हों, लेकिन जेल के अंदर की वास्तविकता ये थी कि यहां पहुंचते ही उसे एक नहीं कई गिलास पानी की जरूरत महसूस हुई। बहरहाल, शहाबुद्दीन को तिहाड़ की बैरक नंबर दो में रखा गया है, जहां माफिया डॉन छोटा राजन उसका पड़ोसी होगा। इंडियन मुजाहिदीन का आतंकी यासीन भटकल, जेसिका लाल मर्डर केस का दोषी मनु शर्मा और नितीश कटारा हत्याकांड के गुनहगार विकास और विशाल यादव शहाबुद्दीन के अन्य पड़ोसी हैं।

कई साल जेल में बिताने के बावजूद जेल के जीवन से अनजान शहाबुद्दीन को यहां कोई ‘स्पेशल ट्रीटमेंट’ नहीं मिलेगा। उसे जेल में बना केवल शाकाहारी खाना खाना होगा। जेल मैनुअल के मुताबिक उसे सुबह का नाश्ता सात बजे, दोपहर का खाना साढ़े बारह बजे और रात का खाना शाम सात बजे दिया जाएगा। हालांकि कैंटीन में उपलब्ध चीजें वो जेल के कूपन से खरीद सकता है, पर ये कूपन भी आम कैदियों की तरह ही उसे सीमित संख्या में दिए जाएंगे। गर्मी के दिनों में वो पंखे की हवा खा सकेगा और मच्छर से बचने के लिए उसे क्वायल दिए जाएंगे। जेल के अंदर उसकी हर गतिविधि पर नज़र रखी जाएगी। सुरक्षाकर्मियों की नज़र में वे लोग खास तौर पर रहेंगे जिनसे शहाबुद्दीन बात करेगा या जो उसके पास समय बिताएंगे। बता दें कि उसकी निगरानी के लिए खास तौर से तमिलनाडु पुलिस की स्पेशल फोर्स को लगाया गया है, ताकि ‘भाषाई दीवार’ के कारण वो उन्हें लुभा न पाए।

चलते-चलते बता दें कि शहाबुद्दीन के खिलाफ 50 मामले लंबित हैं, जिनमें से 9 मामले हत्या के हैं। इसके अलावे अपहरण और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामले हैं। कोर्ट कुल 10 मामलों में उसे दोषी करार दे चुका है।

बोल बिहार के लिए डॉ. ए. दीप

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