भाई, ये अम्मा का ‘उत्तराधिकार’ है!

0
33
Sasikala Natarajan-O Panneerselvam
Sasikala Natarajan-O Panneerselvam

पहले जयललिता की लंबी बीमारी और हॉस्टिपल से उनका ‘खड़ाऊं’ शासन, फिर उनके ठीक होने की ख़बर और इस ख़बर के तत्काल बाद उनके चाहने वालों की खुशी का ‘अचानक’ मातम में बदल जाना, इसके बाद पन्नीरसेल्वम को कुछ दिनों तक आगे कर पूरी तरह से पार्टी और सरकार पर ‘पकड़’ बनाने की शशिकला की तैयारी, फिर आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट के सजा सुनाते ही उनके आगे से ‘परोसी थाली’ का खिसक जाना और अब ओ पन्नीरसेल्वम के ‘रास्ते’ में ई पलनिसामी का आ जाना – पता नहीं तमिलनाडु का हाई वोल्टेज ड्रामा कब खत्म होगा?

आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शशिकला को दोषी करार दिया। चार वर्ष की सजा के साथ उन पर 10 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया। माना जा रहा था कि कोर्ट के इस फैसले के बाद तमिलनाडु की सत्ता की कमान अब पन्नीरसेल्वम के हाथों में ही रहेगी कि शशिकला ने सरेंडर करने से पहले आनन-फानन में अपने समर्थकों के साथ मीटिंग की और पन्नीरसेल्वम की पार्टी की प्राथमिक सदस्यता खत्म करने का ऐलान कर ई पलनिसामी को विधायक दल का नेता घोषित कर दिया। वो किसी भी कीमत पर पन्नीरसेल्वम के हाथों मे सत्ता जाने देना नहीं चाहतीं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सदन में कौन अपना बहुमत साबित करता है – ओ पन्नीरसेल्वम या ई पलनिसामी।

बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि ‘चिनम्मा’ का मुख्यमंत्री बनने का सपना न केवल अभी के लिए बल्कि अगले 10 वर्षों के लिए टूट गया। गौरतलब है कि उन्हें चार वर्षों की सजा मिली है और नियमानुसार इस सजा के छह वर्ष बाद तक वो चुनाव नहीं लड़ सकतीं। इस तरह शशिकला का यह ‘वनवास’ कम-से-कम 10 वर्षों का है। कहने की जरूरत नहीं कि राजनीति में 10 वर्ष कितनी बड़ी अवधि होती है।

अब जबकि देश की सबसे बड़ी अदालत ने फैसला सुना दिया है और राज्यपाल संविधान विशषज्ञों की राय लेने में लगे हैं, तमिलनाडु का राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ रहा है। एक ओर ई पलनिसामी अपनी रणनीति बना रहे हैं, तो दूसरी ओर पन्नीरसेल्वम नई ऊर्जा के साथ अपनी दावेदारी पेश करने में जुटे हैं। शशिकला की अनुपस्थिति में उनके समर्थक ई पलनिसामी के साथ खड़े होंगे या पन्नीरसेल्वम के, यह देखने की बात होगी। भाई, ये अम्मा का ‘उत्तराधिकार’ है! आसानी से मिले भी तो कैसे?

बोल बिहार के लिए डॉ. ए. दीप

Comments

comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here