पटना को मिला ग्रैमी का गौरव

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Sandeep Das and Others
Sandeep Das and Others

जरा कल्पना कीजिए कि किसी पिता से उसके बेटे का स्कूली शिक्षक ये शिकायत करे कि उनका बेटा पूरी क्लास को डिस्टर्ब करता है, डेस्क को हाथ से थपथपाने के लिए बंद करने को कहा जाय तो वह पांव से फर्श को थपथपाने लगता है, और साथ ही सुझाव दे कि उसे डॉक्टर से दिखाया जाना चाहिए तो वो पिता क्या करेगा? जाहिर है, ऐसे में कोई भी आम पिता अपने बेटे को डांटेगा या अपने सिर को पकड़कर बैठ जाएगा। लेकिन क्या आप ये सोच सकते हैं कि ये सुनने के बाद कोई पिता अपने बेटे को उपहार में तबला देगा और डॉक्टर के बदले किसी गुरु के पास लेकर जाएगा?

जी हाँ, ऐसा हो सकता है, क्योंकि ऐसे ही घर में किसी संदीप दास का जन्म हो सकता है। बिल्कुल सही समझे, अभी-अभी ग्रैमी जीतने वाले संदीप दास, जिन्होंने अपने तबला वादन से भारतीय संगीत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। बिहार के लिए अतिरिक्त गौरव की बात यह कि 23 जनवरी 1971 को संदीप का जन्म पटना में हुआ था। उनके पिता का नाम है केएन दास और और उन्हें तबले की एबीसीडी सिखाने वाले गुरु थे पं. शिवकुमार सिंह। गौरतलब है कि संदीप को सिल्क रोड इंसेंबल समूह के साथ बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक के लिए ग्रैमी अवार्ड दिया गया है।

संदीप और तबले का साथ तब हो गया था जब वे मात्र आठ साल के थे। नौ साल के होते-होते तो वे गुरु पंडित किशन महाराज के पास बनारस पहुँच गए। ये उनकी प्रतिभा और मां सरस्वती का आशीर्वाद ही था कि महज 15 साल की उम्र में उन्हें स्टेज पर आने का मौका मिल गया और वो भी पंडित रविशंकर के साथ। बनारस घराने में 11 साल की साधना के बाद 1991 में संदीप दिल्ली आ गए और ऑल इंडिया रेडियो से अनुबंधित सबसे कम उम्र के तबलावादक बने।

लेकिन संदीप को यहीं तक थमना नहीं था। बहुत जल्द उनके तबले की थाप विदेशों में गूंजने लगी। उनके जीवन का टर्निंग प्वाइंट तब आया जब चीनी मूल के अमेरिकी संगीतकार यो यो मा ने उन्हें 2000 में सिल्क रूट इंसेंबल के लिए अपने साथ जोड़ा। उसके बाद देखते-देखते संदीप तबले की दुनिया में नामचीन कलाकार बन गए। 2003 और 2009 में ग्रैमी के लिए नामांकित भी हुए, अवार्ड नहीं मिला लेकिन तबले की दुनिया में जलवा कायम था। जाकिर हुसैन के बाद तबले की दुनिया का सबसे बड़ा नाम हो चुके थे संदीप।

आज अमेरिका का बोस्टन शहर संदीप का ठिकाना है, जहाँ वे परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में उनकी पत्नी तृप्ति और दो बेटियां – साक्षी और सोनाक्षी हैं। चलते-चलते यह भी बता दें कि साक्षी ओडिसी डांसर है, जबकि सोनाक्षी तबला वादक।

बोल बिहार के लिए रूपम भारती [बीबीसी के आलेख पर आधारित]

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