ये जीत से ज्यादा है

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Virat Kohli-R Ashwin
Virat Kohli-R Ashwin

कोहली की कप्तानी में इन दिनों विजय-रथ पर सवार टीम इंडिया ने न केवल हैदराबाद में बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट में 208 रनों से शानदार जीत हासिल की, बल्कि इस जीत में बेमिसाल रिकॉर्ड के कई सितारे भी जड़ दिए। इन सितारों में कोहली और अश्विन के रिकॉर्ड की चमक तो आँखो को चुंधिया देने वाली है। टेस्ट के दूसरे दिन जहाँ दिन-ब-दिन और विराट होते जा रहे कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में दोहरे शतक का अद्भुत चौका लगाया, वहीं चौथे दिन भारतीय गेंदबाजी की जान बन चुके आर अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 250 विकेट लेने का कारनामा कर दिखाया।

जी हाँ, कोहली अब दुनिया के अकेले ऐसे बल्लेबाज हैं जिसने लगातार चार टेस्ट सीरीज में दोहरे शतक बनाए हों। अपनी इस ऐतिहासिक पारी में कोहली ने 204 रन ठोके और और उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने मात्र छह विकेट पर 687 रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया। कोहली का यह दोहरा शतक क्या मायने रखता है इसका अंदाजा हम इसी से लगा सकते हैं कि अपनी इस उपलब्धि के साथ उन्होंने सर डॉन ब्रैडमैन और राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड तोड़ दिया जिन्होंने लगातार तीन टेस्ट सीरीज में तीन दोहरे शतक लगाए थे। याद दिला दें कि कोहली ने अपना पहला दोहरा शतक (200) वेस्टइंडीज के खिलाफ, दूसरा दोहरा शतक (211) न्यूजीलैंड के खिलाफ और तीसरा दोहरा शतक (235) इंग्लैंड के खिलाफ लगाया था। गौरतलब है कि बांग्लादेश के खिलाफ 204 रन बनाते ही कोहली होम सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। ऐसा करते हुए उन्होंने वीरेन्द्र सहवाग का रिकॉर्ड तोड़ा।

अब बात अश्विन की। हर दिन गेंदबाजी का एक नया मुकाम हासिल करने वाले भारत के इस ऑफ स्पिनर ने इस टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के महान गेंदबाज डेनिस लिली का 36 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। अब वे टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 250 विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं। 250 विकेटों के इस मुकाम को हासिल करने में अश्विन को महज 45 टेस्ट लगे, जबकि लिली ने यह उपलब्धि 48 मैच खेलकर हासिल की थी और लिली के बाद 250 विकेट लेने वाले दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन ने इसके लिए 49 मैच खेले थे।

अब चलते हैं टीम इंडिया और कोहली की कप्तानी की ओर। बता दें कि इस टेस्ट की पहली पारी में बनाए गए 687 रन के रूप में भारतीय टीम ने टेस्ट क्रिकेट में अपना पांचवां सर्वोच्च स्कोर बनाया और इस स्कोर के साथ वह लगातार तीन पारियों में 600 से ज्यादा रन बनाने वाली दुनिया की इकलौती टीम बन गई है। जहाँ तक कप्तान के रूप में कोहली की बात है तो इस जीत के साथ उनकी कप्तानी में भारत ने लगातार 19 मैचों में अजेय रहने का रिकॉर्ड बनाया है। उनसे पहले सुनील गावस्कर 18 मैचों में अपराजेय रहे थे। वहीं, लगातार जीत की बात करें तो कोहली की कप्तानी में भारत की युवा टीम अब तक लगातार 15 टेस्ट जीत हासिल कर चुकी है और 2 साल पहले श्रीलंका को हराने के बाद से अब तक टीम इंडिया ने कोई सीरीज नहीं गंवाई है। है न ये जीत से ज्यादा!

बोल बिहार के लिए डॉ. ए. दीप

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