इतिहास हुए 500 और 1000 के नोट

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आज मध्य रात्रि से 500 और 1000 रुपये के नोट आधिकारिक तौर पर बंद हो जाएंगे। अगर आपके पास ईमानदारी से कमाए पैसे हैं तो आप उन्हें 30 दिसंबर तक बेहिचक बैंक या डाकघर में जमा करा सकते हैं लेकिन अगर आपने धन अनैतिक तरीके से कमाया है और वो 500 या 1000 रुपये के नोटों की शक्ल में है तो आज रात 12 बजे के बाद वो रद्दी में तब्दील हो जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज देर शाम स्वयं यह ऐतिहासिक घोषणा की। काले धन के काले इस्तेमाल पर रोक लगाने की खातिर ऐसा साहसिक निर्णय आज तक संसार के किसी देश ने नहीं लिया था। भारत में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नकली नोटों का इस्तेमाल जिस तरह बढ़ रहा था, उसे देखते हुए भी केन्द्र से एक बड़े निर्णय की अपेक्षा थी। लेकिन वो निर्णय इतना बड़ा और इतने बड़े पैमाने पर होगा, इसकी हवा प्रधानमंत्री ने अपने निकटतम लोगों को भी लगने नहीं दी थी।

बहरहाल, इस बड़ी ख़बर से जुड़ी पाँच बड़ी बातों पर निगाह डालना बेहद जरूरी है। पहली बात, 11 नवंबर की रात 12 बजे तक पेट्रोल पंप, सीएनजी स्टेशन, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, हवाई अड्डे, अस्पताल और दवा की दूकान पर 500 और 1000 रुपये के नोट स्वीकार किए जाएंगे। दूसरी बात, 9 नवंबर को सारे बैंक और एटीएम बंद रहेंगे। कुछ एटीएम 10 नवंबर को भी बंद रहेंगे। तीसरी बात, समुचित व्यवस्था होने तक जरूरी खर्चों के लिए शुरू में कुछ दिनों तक 2000 और उसके बाद 4000 तक के नोट आप बैंकों से बदल सकते हैं। चौथी बात, 10 नवंबर से 30 दिसंबर तक आप अपने पास रखे 500 और 1000 रुपये के नोट बैंक या डाकघर में जमा करा सकते हैं। और पाँचवीं बात, कल के बाद 500 के नए नोट तो आप देखेंगे, लेकिन 1000 के नोट अब इतिहास की चीज हो जाएंगे। इनकी जगह सरकार ने 2000 के नोट जारी करने का निर्णय लिया है।

याद रखें, आप इतिहास को बनते हुए रख रहे हैं। सरकार के इस बड़े निर्णय के बाद आपकी दिनचर्या से लेकर देश की अर्थव्यवस्था तक कई परिवर्तन आपको देखने को मिलेंगे, लेकिन आपकी धनराशि हर हाल में आपकी ही रहेगी। आपको चिन्ता करने की कोई जरूरत नहीं है। शर्त बस इतनी कि आपने वो धनराशि घोषित स्रोतों से और ईमानदारी से कमाई हो।

हमारे देश में भ्रष्टाचार और कालाधन जैसी बीमारियों ने जड़ जमा लिया था। देश से गरीबी हटाने की राह में सबसे बड़ी बाधा यही थी। इसकी वजह से आतंकी भी आसानी से भारत में पैर जमा लेते थे। हवाला के जरिए हथियारों की खरीद कोई छिपी हुई बात नहीं। चुनावों में काले धन के इस्तेमाल से भला कौन वाकिफ नहीं! देश आखिर पनपता तो कैसे?

करोड़ों भारतवासी जिनकी रगों में अब भी ईमानदारी दौड़ा करती है, बड़ी शिद्दत से भ्रष्टाचार, काले धन और आतंक के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की प्रतीक्षा कर रहे थे। मोदी सरकार के इस शक्तिशाली और अभूतपूर्व कदम के बाद उनकी उम्मीदों को कितने पंख लग गए, उन्हें नंगी आंखों से शायद हम देख भी ना पाएं। प्रधानमंत्री को इस निर्णायक निर्णय के लिए बारंबार बधाई और साधुवाद!

बोल बिहार के लिए डॉ. ए. दीप

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