भारत फिर बना एशियन हॉकी का चैम्पियन

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भारतीय हॉकी टीम ने अपने देशवासियों को दीपावली का यादगार तोहफा दिया। रविवार को कुआंटान (मलेशिया) में ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के बीच एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी हॉकी के फाइनल में पाकिस्तान को 3-2 से हरा कर हमारी टीम ने देश की दीपावली को और जगमग कर दिया। मैच के दौरान स्टेडियम में दोनों ही देशों के लगभग बराबर समर्थक थे, लेकिन नारे ‘भारत माता की जय’ के ही सुनाई देते रहे। लीग मैच में भी भारत ने पाकिस्तान को 3-2 से ही हराया था। भारत के सरदार सिंह ‘प्लेयर ऑफ द फाइनल’ रहे, जबकि 11 गोल करके टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर रहे रूपिंदर पाल सिंह ‘बेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बने। सेमीफाइनल के हीरो रहे पीआर श्रीजेश चोट की वजह से फाइनल मैच नहीं खेल पाए। उनकी जगह आकाश छिकते भारत के गोलकीपर रहे।

इस महामुकाबले में भारत की तरफ से पहला गोल 18वें मिनट में रूपिंदर पाल सिंह ने, दूसरा गोल 23वें मिनट में अफ्फान यूसुफ ने और तीसरा व निर्णायक गोल 51वें मिनट में निकिन थिमैया ने किया। वहीं पाकिस्तान की ओर से मोहम्मद अलीम बिलाल (26वें मिनट में) और अली शान (38वें मिनट में) गोल करने में सफल रहे। इस दिलचस्प मैच के दूसरे हाफ तक दोनों टीमें 2-2 गोल कर बराबर थीं। लेकिन भारत ने दूसरे हाफ में गजब की तेजी दिखाई, जिसका उसे लाभ मिला और पाकिस्तान की टीम दबाव में आकर मैच गंवा बैठी।

इससे पहले बीते शनिवार को हुए पहले सेमीफाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को पहले 2-2 से ड्रॉ पर रोका और फिर पेनाल्टी शूट आउट में 5-4 से रोमांचक जीत हासिल की। भारत के गोलकीपर कप्तान श्रीजेश ने कोरियन खिलाड़ी देईयोल ली के प्रयास को रोक कर यह जीत भारत की झोली में डाली थी। उधर दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने मेजबान मलेशिया को पेनाल्टी शूटआउट में ही 3-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान दो-दो बार यह टूर्नामेंट जीत चुके हैं। पाकिस्तान ने 2012 और 2013 में यह टाइटल जीता था, जबकि भारत ने 2011 में इनॉगरल एडिशन जीतने के बाद अब 2016 में खिताब अपने नाम किया। जहाँ तक तीसरे स्थान की बात है, तो मेजबान मलेशिया ने रविवार को ही दक्षिण कोरिया को पेनाल्टी शूट आउट में 3-1 से हराकर लगातार चौथी बार उस पर अपना कब्जा बरकरार रखा।

बोल बिहार के लिए डॉ. ए. दीप

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