हिलेरी: अब केवल औपचारिकता शेष

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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दोनों प्रत्याशियों के बीच होनी वाली ऐतिहासिक बहस के तीनों दौर पूरे हो चुके हैं और इन बहसों के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि हिलेरी के ‘इतिहास’ रचने में अब केवल औपचारिकता ही शेष है। इन तीनों बहसों में वे ना केवल ट्रंप पर भारी पड़ीं बल्कि एक विजेता के तौर पर सामने आती दिखीं। इस बार के राष्ट्रपति चुनाव के बारे में कहा जा रहा था कि यह दो ‘कमजोर’ प्रत्याशियों के बीच होने वाली लड़ाई है। हिलेरी कई तरह के विवादों से भी घिरी रही हैं। लेकिन जब नियति आपके पक्ष में हो तो वह भी हो जाता है जिसकी आप कल्पना नहीं कर रहे होते। हिलेरी के साथ भी ऐसा ही हुआ। उन्हें प्रतिद्वंद्वि ऐसा मिला जो कई मामलों में उनसे भी कमजोर माना गया।

बहस के तीनों दौरों में हिलेरी अपनी कमजोरियों पर काबू पाते हुए डोनाल्ड ट्रंप की कमजोरियां रेखांकित करने में पूरी तरह सफल रहीं। एक बड़बोले, संवेदनहीन और आत्ममुग्ध व्यक्ति की जो छवि ट्रंप की पहले से थी, वह इन तीन दौर की बहसों में ज्यादा से ज्यादा उभरती गई। सबसे बड़ी बात यह कि ऐसा अनायास नहीं हुआ। इसके पीछे हिलेरी की सोची-समझी रणनीति भी रही। उन्हें पता था कि ट्रंप महिलाओं को नीची नज़र से देखते हैं, सो उन्होंने पहले राउंड की बहस में ही उन्हें डोनाल्ड कहकर संबोधित करना शुरू किया। इस संबोधन पर अपनी असहजता छिपाने की कोशिश में ट्रंप ने अति विनम्र होने की कोशिश की, मगर खिसियाहट में अन्य सवालों पर फिसलते चले गए।

तीसरे दौर की बहस के आखिरी पलों में हिलेरी ट्रंप के ‘असंयम’ का एकदम नंगा रूप सामने लाने में सफल रहीं जब उन्होंने ट्रंप को उकसाने के उद्देश्य से कहा – “मेरा सामाजिक कार्यों का बिल आने वाले समय में बढ़ने ही वाला है, ट्रंप का टैक्स बिल भी बढ़ेगा, बशर्ते यह मान लिया जाय कि वह इससे बचने का कोई उपाय नहीं खोज पाएंगे।” हिलेरी का तीर एकदम निशाने पर लगा। इतना सुनना था कि ट्रंप खुद को रोक नहीं पाए और उनके मुंह से निकल गया – “कैसी दुष्ट औरत है ये!” इसी बहस में ट्रंप ने यह भी मान लिया कि वे शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण की गारंटी नहीं दे सकते।

इन बहसों का सबसे ठोस असर देखना हो तो विभिन्न सर्वे के नतीजों को देखें, जिनमें आईने की तरह सब कुछ एकदम साफ दिख रहा है। पहले दौर की बहस से पहले सर्वे के नतीजे हिलेरी को 1.5 प्वाइंट से आगे दिखा रहे थे, दूसरे दौर की बहस से पहले 5.6 प्वाइंट से और तीसरे दौर की बहस से पहले 7.1 प्वाइंट से। कहा जा सकता है कि अब जो ‘औपचारिकता’ रह गई है वो 8 नवंबर के मतदान के बाद पूरी होगी, जब हिलेरी अमेरिका की पहली महिला राष्ट्रपति के रूप में व्हाइट हाउस में कदम रख रही होंगी!

बोल बिहार के लिए रूपम भारती

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