‘फोर्ब्स’ के सौ अमीर भारतीयों में दो बिहारी

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अमेरिकी पत्रिका फोर्ब्स की 100 सबसे अमीर भारतीयों की वार्षिक सूची में बिहार के दो उद्योगपतियों – संप्रदा सिंह और अनिल अग्रवाल – ने अपनी जगह बनाई है। धनकुबेरों की इस सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी (कुल सम्पत्ति 1.52 लाख करोड़) लगातार नौवें साल शीर्ष पर हैं। सनफार्मा के दिलीप सांघवी (कुल सम्पत्ति 1.13 लाख करोड़) दूसरे और हिन्दूजा बंधु (कुल सम्पत्ति 1 लाख करोड़) तीसरे स्थान पर हैं। बता दें कि फोर्ब्स की सूची में इस साल छह नए अरबपतियों को पहली बार स्थान मिला है, जिनमें सबसे उल्लेखनीय नाम योगगुरु बाबा रामदेव के सहयोगी और पतंजलि आयुर्वेद के सह संस्थापक आचार्य बालकृष्ण का है। 16 हजार करोड़ की सम्पत्ति के साथ बालकृष्ण 48वें स्थान पर हैं।

बहरहाल, फोर्ब्स द्वारा जारी सूची के अनुसार भारत की पाँचवीं सबसे बड़ी फार्मास्युटिकल्स कम्पनी एल्केम लैबोरेट्रिज के मालिक संप्रदा सिंह सबसे अमीर बिहारी हैं और 17.9 हजार करोड़ की सम्पत्ति के साथ सौ अमीर भारतीयों में 42वें स्थान पर हैं। 25 जनवरी 1926 को बिहार के जहानाबाद जिले में जन्मे संप्रदा पिछले साल इस सूची में 47वें स्थान पर थे। संप्रदा ने अपने भाई नरेन्द्र के साथ 1973 में एल्केम लैबोरेट्रिज की स्थापना की थी। उनकी कम्पनी इस वक्त भारत समेत यूरोप, एशिया, दक्षिण अमेरिका और अमेरिका में संचालित होती है। एल्केम फार्मास्युटिकल्स को फार्मा लीडर अवार्ड मिल चुका है। अपने कार्यक्षेत्र में भीष्म पितामह का दर्जा रखने वाले 91 वर्षीय संप्रदा सिंह वर्तमान में सपरिवार मुंबई में रहते हैं।

7.4 हजार करोड़ की सम्पत्ति के साथ खनन व्यापारी अनिल अग्रवाल इस सूची में स्थान बनाने वाले दूसरे बिहारी हैं। इस साल अनिल को 63वां स्थान मिला है, जबकि पिछले साल वे 53वें पायदान पर थे। 2003 में शुरू हुई अनिल की वेदांता रिसोर्सेस लंदन स्टॉक एक्सचेंज में दर्ज होने वाली पहली भारतीय कम्पनी थी। 24 जनवरी 1954 को बिहार की राजधानी पटना में जन्मे अनिल अग्रवाल ने 15 साल की उम्र में स्कूल छोड़ा और पुणे में अपने पिता के एल्युमीनियम कंडक्टर बनाने के व्यापार में लग गए। 19 साल की उम्र में वे पुणे से मुंबई आए और अपना व्यापार शुरू किया। स्क्रैप मेटल का काम उन्होंने 1970 में शुरू किया और 1976 में शैमशर स्टेर्लिंग कार्पोरेशन को खरीदा। उसके बाद के उनके सफर से दुनिया भलीभांति परिचित है।

आज देश-दुनिया में बिहारी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। यह निश्चित रूप से गौरव का विषय है। इन सामर्थ्यवान बिहारियों की उपलब्धियों में तब चार चाँद लग जाएंगे, जब इनमें से आगे बढ़कर कोई बिहार में नए-नए उद्योगों के विकास और रोजगारों के सृजन के लिए सार्थक पहल करे। जिस दिन बिहार को ‘अमीर’ बनाते हुए कोई बिहारी अमीरों की सूची में शामिल होगा, वो दिन नि:संदेह बिहार के इतिहास में मील का पत्थर कहलाएगा।

बोल बिहार के लिए डॉ. ए. दीप 

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