वेस्टइंडीज की धरती पर ‘विराट’ धमाका

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Virat Kohli
Virat Kohli

शुक्रवार को भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के विरुद्ध 200 रन बनाने के साथ ही कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिये। 1932 में भारतीय क्रिकेट टीम को टेस्ट का दर्जा मिलने के बाद विदेशी धरती पर किसी भारतीय कप्तान का ये पहला दोहरा शतक है। वहीं, इस शतक के साथ ही भारत ने 41 साल बाद वेस्टइंडीज के बेमिसाल खिलाड़ी और कप्तान लॉयड के उस दोहरे शतक का जवाब भी दे दिया जो उन्होंने साल 1975 में भारत में लगाया था।

विराट कोहली की ये पारी कई मायनों में खास है। उनकी इस पारी ने विदेश में 19 साल के उस सूखे को समाप्त कर दिया जो 1997 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सचिन तेन्दुलकर द्वारा बनाए गए 169 रनों के बाद से ही चला आ रहा था। सचिन के बाद कोई भी भारतीय कप्तान विदेशी धरती पर 150 के आंकड़े को पार नहीं कर पाया था। विराट कोहली ने अपने इस दोहरे शतक से कप्तान के तौर पर भी अपने दम-खम को साबित किया है। उनसे पहले साल 1990 में मोहम्मद अजहरूद्दीन ने कप्तान के रूप में ऑकलैंड में 192 रनों की शानदार पारी खेली थी।

दोहरे शतक की बात करें तो विराट कोहली से पहले भारतीय टीम के चार कप्तान दोहरा शतक जमा चुके हैं। नवाब पटौदी, सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और महेन्द्र सिंह धोनी ने सैंकड़ा तो पार किया था लेकिन उन्होंने ये दोहरे शतक भारतीय धरती पर ही लगाये थे। एक कप्तान के तौर पर विराट कोहली वो पहले क्रिकेट खिलाड़ी हैं जिन्होंने ये कमाल विदेशी धरती पर कर दिखाया है। इसी के साथ विराट कोहली ने पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग का एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इस पारी के बाद विराट भारत के लिए 12 टेस्ट शतक पूरे करने वाले दूसरे सबसे तेज बल्लेबाज बन गए हैं। वो सहवाग की 77 पारियों में 12 शतकों के रिकॉर्ड को तोड़कर उनसे आगे निकल गए हैं। कोहली ने ये उपलब्धि महज 72 पारियों में अपने नाम कर ली है।

इस शतक के साथ ही विराट कोहली ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 12 हजार रन भी पूरे कर लिए। ऐसा करने वाले वो आठवें भारतीय कप्तान बन गए हैं। विराट का ये 8वां शतक एशिया के बाहर है। वैसे अभी तक एशिया से बाहर सबसे ज्यादा शतक तेंदुलकर ने लगाया है। उन्होंने 18 शतक विदेशी धरती पर जड़े हैं। ये भी बता दें कि विराट कोहली ने कप्तान के रूप में विदेशी सरजमीं पर अब तक 12 पारियों में 76.27 की औसत से 839 रन बनाये हैं। उनसे बेहतर औसत सिर्फ महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन का है।

विराट कोहली का जन्म 5 नवम्बर 1988 को दिल्ली के एक पंजाबी परिवार में हुआ था। 9 साल की छोटी उम्र में ही विराट कोहली पश्चिमी दिल्ली क्रिकेट अकादमी में शामिल हो गए थे। क्रिकेट के साथ-साथ वो पढ़ाई में भी काफी अच्छे थे। उनके जीवन में सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। लेकिन, पिता की असामयिक मृत्यु ने उनके जीवन को बदल दिया। पर संघर्ष भरे इन दिनों में भी विराट ने अपना धैर्य नहीं खोया। उनके नेतृत्व में भारतीय अंडर-19 टीम ने साल 2008 में मलेशिया में आयोजित अंडर-19 विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया। अपनी मेहनत, लगन और उम्दा खेल की वजह से जल्द ही कोहली सफलता की सीढ़ियां चढ़ते चले गए। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में उनके योगदान के लिए उन्हें साल 2013 में अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

हालांकि, विराट कोहली जितना अपने खेल के लिए जाने जाते हैं उतना ही उनका जिक्र गुस्से पर काबू ना रख पाने और फिल्म अभिनेत्री अनुष्का शर्मा के साथ संबंधों के लिए किया जाता है। समय रहते अगर 27 साल के इस अद्भुत खिलाड़ी ने अपनी इन कमजोरियों पर काबू पा लिया तो वो दिन दूर नहीं जब उनकी ‘विराट’ छाया के तले क्रिकेट के कई कीर्तिमान इतिहास में हमेशा-हमेशा के लिए अंकित हो जायेंगे।

बोल बिहार के लिए प्रीति सिंह

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