नीतीशजी, हल्के में ना लें ‘बड़े भाई’ का ‘दीदी’ से किया मजाक

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Mamta, Nitish & Lalu
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लालू के मजाकिया स्वभाव से सारी दुनिया वाकिफ है। पर लालू राजनीति के अत्यन्त चतुर खिलाड़ी हैं और कई बार मजाक-मजाक में कुछ ऐसा कह और कर जाते हैं जिसका निहितार्थ लोग बाद में समझते हैं। कल कोलकाता में कुछ ऐसा ही हुआ। मौका था ममता बनर्जी के शपथ ग्रहण का। विधान सभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज करने वाली ममता बनर्जी ने कल दूसरी बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लिया। उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव साथ-साथ कोलकाता पहुँचे थे। इस अवसर पर लालू ने ममता से कुछ ऐसा पूछ लिया जो कहने को था तो मजाक लेकिन उसके गहरे राजनीतिक मायने भी निकाले जा सकते हैं।

वाक्या कुछ यों है कि लालू ने ममता से पूछा कि “क्या वह पहली बंगाली प्रधानमंत्री बनेंगी..?” इस पर ममता ने कहा कि “आप ही लोग बन जाओ।“ लालू ने बाद में ये भी कहा कि साम्प्रदायिक ताकतों के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने के लिए ममता बनर्जी और भाजपाविरोधी बाकी नेताओं के साथ जल्द ही एक बड़ी बैठक होगी।

बता दें कि एक इंटरव्यू के दौरान जब ममता से प्रधानमंत्री बनने का सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि वो एक आम इंसान हैं और वीआईपी की जगह एक सामान्य इंसान की तरह पहचानी जाना चाहती हैं। हालांकि उन्होंने साथ में ये भी कहा था कि उनके कई ऐसे दोस्त हैं जिनके साथ वो भाजपाविरोधी गठबंधन के बारे में बात कर सकती हैं। इस संदर्भ में पूछे जाने पर उन्होंने नीतीश कुमार, नवीन पटनायक और अरविन्द केजरीवाल का नाम भी लिया था। पर कांग्रेस के नाम पर उन्होंने कुछ खास प्रतिक्रिया नहीं दी थी।

बहरहाल, अब जरा असल मुद्दे पर लौटें और लालू के ‘मजाक’ को नीतीश के ‘अखिल भारतीय सपने’ से जोड़कर देखें। क्या ‘बड़े भाई’ के इस मजाक ने ‘छोटे भाई’ के बरक्स ममता को खड़ा नहीं कर दिया..? वैसे नीतीश का पलड़ा ममता से भारी जरूर है पर ये भी देखना होगा कि नीतीश राजनीति की जिस ‘धारा’ का प्रतिनिधित्व करते हैं उसके कई प्रतिनिधि रहे हैं और आज भी हैं पर ममता ने अपनी ‘धारा’ खुद बनाई और अकेले दम पर ‘लेफ्ट के अभेद्य किले’ को लगतार दूसरी बार फतह किया। ऊपर से उनके साथ महिला होने का अतिरिक्त लाभ भी जुड़ा है। ऐसे में आप ही बताएं कि क्या लालू के इस ‘मजाक’ को हल्के में लिया जाना चाहिए..?

बोल बिहार के लिए डॉ. ए. दीप   

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